मल्टीमीटर किया होता है (What is Multimeter) , कार्यप्रणाली (Working Method)
बहुमापी या मल्टीमीटर एक ऐसा उपकरण है जो कई भौतिक राशियों (प्रायः धारा, वोल्टता, प्रतिरोध, निरन्तरता (कान्टिन्युटी) आदि) को मापने के काम में आता है जिन मल्टीमीटर में वेधूत राशि के पाठयांक को डायल पैमाने पर प्वाइंटर के द्वारा दर्शाए जाने के स्थान पर, सीधे ही LCD डिस्प्ले इकाई पर डीजिट्स में दर्शाया जाता है, डिजिटल मल्टीमीटर कहलाता है l यह आकार में छोटे तथा वजन में हल्के होते हैं इनके द्वारा प्राप्त पाठयांक अंको में पढ़ा जाता है
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| मल्टीमीटर किया होता है (What is Multimeter) , कैसे काम करता है |
डिजिटल मल्टीमीटर का पैनल दृश्य
🌟 कार्यप्रणाली
सवेप्रथम इनपुट ,प्रोब, को एक सेलेक्टर नियंत्रण स्विच के द्वारा संयोजित किया जाता है जो मापी जानने वाली भौतिक रासी का चयन करता है
जैसे_ प्रतिरोध, ए. सी. वोल्टेज, डी. सी. वोल्टेज, ए. सी. धारा, डी. सी. धारा, इत्यादि का मापन l प्रचालन धारा एक स्थिर धारा स्रोत से प्राप्त की जाति है। प्रतिरोध मापने हेतु प्रचालन धारा को सीधे ही आपूर्ति के एक बफर एंप्लीफायर, के द्वारा एंप्लीफ फाई किया जाता है l
ए. सी. वोल्टेज के मापन हेतु एक एटेनुएटर स्टेज इनपुट वोल्टेज को घटाकर यंत्र के उपयुक्त बनाता है और डिस्टकारी परिपथ ए. सी. राशि को डी. सी. राशी में परिवर्तन कर देता है l ए. सी. धारा मापन हेतु एक धारा से वोल्टेज परिवर्तक और तत्पश्चात रेक्टिफायर स्टेज का प्रयोग की जाति है डी. सी. धारा मापन हेतु एक धारा से वोल्टेज परिवर्तक,स्टेज ही प्रयोग कि जाति है l डी. सी. वोल्टेज मापन हेतु एक ,केलीब्रेटिड एटेनुएटर , स्टेज प्रयोग कि जाति है सभी पांच प्रकार की राशियों से प्राप्त हुआ डी. सी. आउटपुट एक एनालॉग से डिजिटल परिवर्तक के द्वारा डिजिटल संकेतो में परिवर्तित किया जाता हैं
मीटर के नियंत्रण भाग
1. POWER इस नियंत्रण स्विच के द्वारा मीटर को (सैल अथवा बैट्री से ) ऑन व ऑफ किया जाता है इस पुश _ बटन को एक बार दबाने पर मीटर ON हो जाता है और पुनः दबाने पर मीटर ऑफ हो जाता है l
2. SELECT यह भी एक पुश_स्विचप्रकार का नियंत्रण है इसे एक बार दबाने पर मीटर ए. सी. मापन कार्य करता है और इसे पुनः दबाने पर मीटर डी. सी. मापन कार्य करता है
3. रेंज यह मापी जाने वालीं राशि के लिऐ घुरनिय नियंत्रण के साथ अनेक सीमाओं का चयन करने वाला पुश स्विच है
4. HOLD यह भी एक पुश बटन के प्रकार का नियंत्रण है इसका उपयोग किसी ली गई माप को कुछ समय के लिए रोके रखने के लिए किया जाता है l एक बार दबाने से यह माप को रोके रखता है अर्थात होल्ड करके रखता है और वापस दबाने से माप को वापस चालू कर देता है
5. ROTARY SELECTOR मापी जाने वालीं भौतिक राशी अर्थात धारा, वोल्टेज प्रतिरोध इत्यादि का चयन इसी नियंत्रण के द्वारा किया जाता है इसमें यह स्तिथिया होती है
🕳️ (DC) V - डी. सी. वोल्ट _ 100 MICRO V से 1000V
🕳️ (AC) V ए. सी. वोल्ट _ 100 Micro V से 1000V
🕳️ Omh _ 100miliomh से ,20Miliomh
6. JACKS मल्टीमीटर में चार जैक होते हैं जिनका यह कार्य होता है
1. COM,TEMP- यह ऋण प्रोब संयोजित करने हेतु प्रयुक्त किया जाता है
2. 10 A Max - यह ऋण प्रॉब को COM TEMP. जैक में लगाकर रखते हुए 0 _10A मापसिमा में धारा मापन हेतु प्रयोग किया जाता है
3. Micro A ,Mili A ,TEMP,+ यह ए. सी./ डी. सी. धारा माइक्रो एम्पीयर, व मिली एम्पीयर में तापमान मापन हेतु पॉजिटिव प्रोब लगाने हेतु प्प्रयोग किया जाता है इसके साथ रोटरी सेलेक्टर के द्वारा वांछित भोतिक राशि का चयन किया जाता है
4. V Ω यह रोटरी सेलेक्टर के साथ ए. सी./ डी. सी. वोल्ट तथा ओम मापन हेतु प्रयुक्त किया जाता है
🌟 विशेषताए (Specifications)
1. एक अच्छे मल्टीमीटर की विशेषता 20kΩ /V होती है
2. कुछ मल्टीमीटर में 0/10A D.C. मापसिमा भी बनाई जाति है जिसके लिए बहुत ही कम मान वाला शंट प्रयोग किया जाता है l
🌟 सावधानियां ( Precautions)
1. प्रतिरोध मापने के समय प्रतिरोधक को सर्किट से अलग कर लेना चाहिए
2. प्रतिरोध मापते समय सही मान प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माप से पहले प्रोब को आपस में स्पर्श करके शून्य समायोजक अर्थात (वोल्टमिटर द्वारा) यंत्र के संकेत को पैमाने की शून्य स्तिथि पर समायोजित कर लेना चाहिए
3. वोल्टेज मापन के समय प्रारंभ में उच्च माप सीमा का चयन करना चाहिए
ACB किया होता है, ACB केसे काम करता है,
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