बुकोल्ज रिले क्या है?- इसकी संरचना और कार्यप्रणाली
बुकोल्ज रिले को को अन्य नाम से भी जाना जाता है।
🔯 Pre-Fault रिले
🔯 Gas Actuated रिले
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| बुकोल्ज रिले क्या है?- इसकी संरचना और कार्यप्रणाली |
🕳️Buchholz Relay 500 KVA से अधिक रेटिंग वाले ट्रांसफॉर्मर की सुरक्षा के लिए Buchholz रिले का उपयोग करते है।
🕳️यह एक गैस (Gas) के द्वारा शुरू होने वाली रिले है जो कि तेल डुबकी (Oil Immersed) ट्रांसफार्मरो में लगाई जाती है।
🕳️ यह रिले ट्रांसफॉर्मर को हर प्रकार की समस्या से सुरक्षित रखता है।
🕳️यदि ट्रांसफॉर्मर के वाइंडिंग में कोई फाल्ट आ जाता है तो यह रिले घण्टी (Alarm) के द्वारा सूचित करता है या कोई गम्भीर समस्या आ जाता है तो ट्रांसफॉर्मर को मुख्य धारा से अलग कर देता है।
🕳️ यह रिले ट्रांसफॉर्मर के मुख्य टैंक (Tank) से जुड़े कंजर्वेटर टैंक के बीच वाले पाइप में लगाई जाती है l
बुकोल्ज रिले की संरचना (Construction of Buchholz Relay in hindi)

बुकोल्ज रिले क्या है?- इसकी संरचना और कार्यप्रणाली
🌟 What is Buchholz Relay
चित्र में बुकोल्ज रिले की बनावट दिखाई गई है। यह एक DOME VESSEL की तरह दिखता है जो कि मुख्य टैंक तथा Conservator को जोड़ने वाली पाइप के मध्य लगाई जाती है। इस प्रकार की रिले के दो भाग होते हैं
(I) ऊपरी भाग (Upper Element)- इसमें एक बुकोल्ज मर्करी के प्रकार का स्विच (Mercury Type Switch) लगा होता है जो हिन्ज प्रकार के फ्लेप (Hinged Type Flap) पर जुड़ा होता है, जो ट्रांसफॉर्मर से तेल कंजर्वेटर (Oil Conservator) में बह रहा होता है उसके बीच पाइप में लगा होता है। यह भाग, जब ट्रांसफॉर्मर के अन्दर या आंतरिक समस्या आ जाति है तो अलार्म परिपथ (Alarm Circuit) को बन्द कर देता है।
(Ii) निचला भाग (Lower Element)- जब ट्रांसफॉर्मर में गंभीर (Severe) ya अंदर की समस्या आ जाति है तब यह सर्किट (Circuit Breaker) को ट्रिप (Trip) कर देता है।
🌟 बुकोल्ज रिले की कार्यप्रणाली (Working of Buchholz Relay in hindi)
इस प्रकार की समस्या के कारण जो गर्मी या आर्क (ARC) उत्पन्न होता है उसमें से ट्रांसफॉर्मर तेल (Oil) का विघटन (Decomposition) आरम्भ होने लगता है। यह विघटन (Decomposition) लगभग 350°C पर आरम्भ होता है। विघटन होने से जो उत्पाद (Product) बनता है उसमें 70% से भी ज्यादा हाइड्रोजन गैस (Hydrogen Gas) होती है जो कि हल्की (Light) होने के कारण उठने लगती है तथा यह हाइड्रोजन गैस कंजर्वेटर टैंक (Conservator) में जाने की कोशिश करती है और रिले के ऊपरी भाग (Chamber) में फंस जाती है जिसके कारण ये गैस ब्कहोल्ज रिले में गिरने लगता है। जैसे-जैसे तेल का स्तर गिरने लगता है वैसे-वैसे फ्लोट (Float) जो कि रिले के तेल पर तैर रहा होता है नीचे की ओर गिरने/मुड़ने लगता है। ऐसा होने पर फ्लोट (Float) जिसमें मर्करी स्विच (Mercury Switch) लगा होता है वह बंद हो जाता है तथा यह अलार्म सर्किट को बन्द कर देता है।
🌟 working of buchholz relay
जब ट्रांसफॉर्मर में गंभीर लघुपथित समस्या आ जाति है है तब टैंक का दबाव बढ़ने लगता है और यह दबाव गैस कंजर्वेटर (Conservator) की ओर बढ़ता है। जब गैस कंजर्वेटर (Oil Conservator) की ओर बढ़ता है तब यह Buchholz रिले से गुजरता है जिससे Buchholz रिले पर लगी पत्तियां (Plates) गैस के दबाव से दबने लगती हैं तथा परिणामस्वरूप दूसरा स्विच बन्द हो जाता है तथा वह सर्किट ब्रेकर (Circuit Breaker) को ट्रिप कर देता है। इसके बाद ट्रांसफॉर्मर को काम में नहीं लिया जाता है।
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